हरियाणा शिक्षक ट्रांसफर पॉलिसी में 3 बडे बदलाव, 120 अंकों से तय होगी ट्रांसफर की जगह
हरियाणा में शिक्षकों के तबादले अब सिफारिश से नहीं, 120 अंकों की नई रैंकिंग प्रणाली से होंगे।
कुल 120 अंकों में से 60 अंक विशेष श्रेणी (विधवा, तलाकशुदा, सिंगल पेरेंट) और 60 अंक उम्र-अनुभव के लिए तय।
70% से ज्यादा दिव्यांगता और रिटायरमेंट में 18 महीने बचने वाले शिक्षकों का नहीं होगा तबादला।
40 पार अविवाहित महिलाओं और पुरुष शिक्षकों को बच्चों के आधार पर मिलने वाली छूट की गई खत्म।
चंडीगढ़। हरियाणा में सरकारी शिक्षकों के तबादलों को लेकर शिक्षा विभाग ने नई ट्रांसफर पॉलिसी तैयार कर ली है। अब शिक्षकों के तबादले किसी सिफारिश के बजाय 120 अंकों की रैंकिंग के आधार पर होंगे। नई नीति को अंतिम रूप दे दिया गया है और इसे जल्द ही मुख्यमंत्री नायब सैनी की कैबिनेट बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। कैबिनेट की मुहर लगते ही लंबे समय से रुकी हुई तबादला प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
120 अंकों के पैमाने पर तय होगी प्राथमिकता
नई ट्रांसफर पॉलिसी का सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब शिक्षकों का मूल्यांकन 120 अंकों के आधार पर किया जाएगा। रिक्त पद के बजाय शिक्षक का सेवा अनुभव उसकी रैंकिंग तय करेगा। कुल 120 अंकों में से 60 अंक विशेष परिस्थितियों के लिए रखे गए हैं। वहीं, 30 अंक शिक्षक की उम्र और बाकी 30 अंक उनके कैडर अनुभव के आधार पर मिलेंगे। इससे लंबे समय से दूरदराज के इलाकों में नौकरी कर रहे शिक्षकों को मनचाहे स्टेशन पर आने का मौका मिलेगा।
विशेष श्रेणी वाले शिक्षकों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा
नई व्यवस्था में महिला शिक्षकों, विधवा, तलाकशुदा, न्यायिक रूप से अलग रह रही महिलाओं, सिंगल पेरेंट और गंभीर बीमारी से पीड़ित शिक्षकों को विशेष महत्व दिया गया है। इसके अलावा दिव्यांग बच्चों के माता-पिता और सैन्य व अर्धसैनिक बलों के जवानों के जीवनसाथी को भी इस श्रेणी में रखा गया है। इन सभी विशेष श्रेणियों के लिए अधिकतम 10-10 अंक देने का प्रस्ताव है। सिंगल पेरेंट (अकेले बच्चों को पालने वाले) शिक्षकों को अतिरिक्त राहत दी जाएगी।
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दिव्यांग और रिटायरमेंट के करीब पहुंचे शिक्षकों को बड़ी राहत
शिक्षा विभाग ने दिव्यांग शिक्षकों के लिए नियमों को अधिक सुविधाजनक बनाया है। अब 70 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले शिक्षकों को सुरक्षित श्रेणी (सेफ जोन) में रखा जाएगा। इसके साथ ही, जिन शिक्षकों की रिटायरमेंट में 18 महीने बचे हैं, उनका तबादला नहीं किया जाएगा। पहले यह छूट केवल 12 महीने का कार्यकाल बचने पर मिलती थी। इससे रिटायरमेंट के आखिरी डेढ़ साल में शिक्षकों पर तबादले का दबाव नहीं रहेगा।
पुरानी ट्रांसफर पॉलिसी के इन नियमों को किया गया खत्म
नई नीति लागू होने के साथ ही कई पुराने नियमों को हटा दिया जाएगा। 40 साल से अधिक उम्र की अविवाहित महिला शिक्षकों को मिलने वाले अतिरिक्त अंक बंद किए जा सकते हैं। इसी तरह, पुरुष शिक्षकों को नाबालिग बच्चों या अविवाहित बेटियों के नाम पर कोई विशेष छूट नहीं मिलेगी। कपल्स केस (पति-पत्नी दोनों सरकारी नौकरी में) का लाभ भी अब सिर्फ नियमित (रेगुलर) शिक्षकों को ही दिया जाएगा, अनुबंध (कच्चे) कर्मचारियों को इसका फायदा नहीं मिलेगा।