हरियाणा में 100 करोड़ की 9 बड़ी स्वास्थ्य परियोजनाएं शुरू, अब सरकारी अस्पतालों में होंगे ये सभी टेस्ट

 

पंचकूला। हरियाणा के लोगों को अब महंगे और प्राइवेट अस्पतालों के धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। प्रदेश सरकार ने राज्य के सरकारी अस्पतालों की तस्वीर बदलने के लिए एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला के लोक निर्माण विभाग (PWD) रेस्ट हाउस से 'स्वस्थ हरियाणा-समृद्ध हरियाणा' अभियान की शुरुआत की है। 

इस अभियान के तहत पूरे प्रदेश को एक साथ लगभग 100 करोड़ रुपये की 9 बड़ी स्वास्थ्य परियोजनाओं की सौगात दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव की मौजूदगी में शुरू हुए इन प्रोजेक्ट्स का सीधा फायदा आम जनता, महिलाओं और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को मिलेगा।  

इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के ग्रामीण और शहरी इलाकों में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए 22.29 करोड़ रुपये की लागत से 30 नए स्वास्थ्य संस्थानों का उद्घाटन किया। इसके साथ ही 21.50 करोड़ रुपये की लागत से 16 और नए स्वास्थ्य केंद्रों की नींव भी रखी गई है। 

अस्पतालों में मरीजों के साथ आने वाले परिजनों को अक्सर रात गुजारने और ठहरने में भारी परेशानी होती है। इस दिक्कत को दूर करने के लिए सोनीपत के जिला नागरिक अस्पताल में करीब साढ़े छह करोड़ (6.45 करोड़) रुपये की लागत से एक शानदार और आधुनिक विश्राम गृह (रेस्ट हाउस) बनाने का भी शिलान्यास किया गया है।  

महिलाओं की सेहत और इलाज पर सरकार ने इस बार खास जोर दिया है। प्रदेश के 23 जिला अस्पतालों में महिलाओं के विशेष इलाज के लिए 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार' क्लीनिक खोले जा रहे हैं, जिन पर हर साल लाखों रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा आम जनता को सस्ती और बढ़िया दवाइयां आसानी से मिल सकें, इसके लिए इन्हीं 23 जिला अस्पतालों में 'अमृत फार्मेसी' (AMRIT Pharmacy) भी खोली जा रही हैं। 

इन फार्मेसी के खुलने से मरीजों को बाहर से महंगी दवाइयां खरीदने की मजबूरी काफी हद तक खत्म हो जाएगी।  गंभीर बीमारियों की जांच को सस्ता और सुलभ बनाने के लिए पीपीपी (PPP) मॉडल के तहत कई बड़े कदम उठाए गए हैं। पानीपत और कुरुक्षेत्र के जिला अस्पतालों में अब 12 करोड़ रुपये की लागत से नई एमआरआई (MRI) मशीनें लगाई गई हैं। वहीं, झज्जर जिले के बहादुरगढ़ सब-डिवीजनल अस्पताल और चरखी दादरी के जिला अस्पताल में 10 करोड़ रुपये की लागत से सीटी स्कैन की आधुनिक सेवाएं शुरू कर दी गई हैं। 

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अब लोगों को इन बड़ी जांचों के लिए भारी भरकम फीस देकर प्राइवेट लैब में नहीं जाना पड़ेगा।  दिल और गुर्दे (किडनी) की बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को भी इस अभियान से बड़ी राहत दी गई है। हार्ट अटैक जैसी आपात स्थिति से निपटने और तुरंत इलाज शुरू करने के लिए प्रदेश के 600 स्वास्थ्य केंद्रों पर टेली-ईसीजी (Tele-ECG) सेवाएं शुरू की जा रही हैं। 

इस सुविधा पर सरकार हर साल तीन करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके साथ ही गुर्दा रोगियों की परेशानी को कम करने के लिए महर्षि च्यवन मेडिकल कॉलेज में विशेष सुविधाओं का विस्तार किया गया है। सरकार के इन सभी कदमों से हरियाणा में इलाज अब पहले से कहीं ज्यादा आसान और अत्याधुनिक होने जा रहा है।