सिरसा के 26 किसानों को मुफ्त बैकयार्ड पोल्ट्री यूनिट, 50 चूजों के साथ मिले उपकरण
सिरसा के 26 किसानों को मिली मुफ्त बैकयार्ड पोल्ट्री यूनिट, 50 चूजों के साथ दाना-पानी के उपकरण भी दिए गए
सिरसा, 5 अगस्त। हरियाणा सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से सिरसा जिले के 26 किसानों को बैकयार्ड पोल्ट्री यूनिट वितरित की है। इस योजना के तहत किसानों को 50 चूजों के साथ पानी पिलाने और दाना खिलाने के उपकरण भी पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराए गए।
विभाग के अनुसार, 13 बैकयार्ड पोल्ट्री यूनिट पशु चिकित्सालय बड़ागुढ़ा, 10 पशु चिकित्सालय चट्ठा तथा 3 पशु चिकित्सालय डबवाली के माध्यम से किसानों को वितरित की गईं।
किसानों को दिया गया वैज्ञानिक प्रशिक्षण
यूनिट वितरण के दौरान पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने किसानों को बैकयार्ड पोल्ट्री पालन के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी दी। प्रशिक्षण में संतुलित आहार, स्वच्छता, टीकाकरण, रोग नियंत्रण और बेहतर प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया ताकि किसान कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकें।
कम लागत में अतिरिक्त आय का बेहतर विकल्प
अधिकारियों ने बताया कि बैकयार्ड पोल्ट्री पालन ग्रामीण परिवारों के लिए अतिरिक्त आय का प्रभावी साधन है। इससे न केवल परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है, बल्कि अंडों और मांस की उपलब्धता बढ़ने से पोषण स्तर में भी सुधार होता है।
किसानों से योजनाओं का लाभ उठाने की अपील
उपनिदेशक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, सिरसा डॉ. राजकुमार बैनीवाल तथा उपमंडल अधिकारी, पशुपालन विभाग, कालांवाली ने किसानों से विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए पोल्ट्री पालन को सफल व्यवसाय के रूप में अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न पशुपालन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाकर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं।
योजना का लाभ प्राप्त करने वाले किसानों ने हरियाणा सरकार और पशुपालन एवं डेयरी विभाग का आभार व्यक्त करते हुए इसे ग्रामीण आजीविका के लिए उपयोगी पहल बताया।
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योजना की मुख्य बातें
- सिरसा जिले के 26 किसानों को मुफ्त बैकयार्ड पोल्ट्री यूनिट वितरित।
- प्रत्येक लाभार्थी को 50 चूजे निशुल्क दिए गए।
- दाना और पानी के उपकरण भी मुफ्त उपलब्ध कराए गए।
- बड़ागुढ़ा में 13, चट्ठा में 10 और डबवाली में 3 यूनिट वितरित।
- किसानों को वैज्ञानिक पोल्ट्री पालन का प्रशिक्षण भी दिया गया।
- योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और किसानों की आय बढ़ाना है।