Sirsa News: NH भूमि अधिग्रहण में तेजी लाने के निर्देश, सिरसा के 463 में से 356 मामले सुलझे

 

हरियाणा में नेशनल हाईवे (NH) के लिए भूमि अधिग्रहण से जुड़े लंबित मामलों के निपटारे में अब और ढिलाई नहीं होगी। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने बुधवार को चंडीगढ़ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला अधिकारियों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी लंबित मामलों का समाधान समयबद्ध और पूरी तरह पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित किया जाए। मुख्य सचिव ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जमीन विवादों के कारण करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं में हो रही देरी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सिरसा में 356 मामलों का हुआ सफल समाधान

इस उच्च स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सिरसा से अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) अर्पित संगल प्रमुख रूप से जुड़े। उन्होंने प्रशासन की ओर से जिले का विस्तृत ब्यौरा पेश करते हुए बताया कि सिरसा में नेशनल हाईवे के लिए भूमि अधिग्रहण से संबंधित कुल 463 मामले दर्ज थे। इनमें से राजस्व विभाग और संबंधित अधिकारियों की मुस्तैदी से 356 मामलों का सफलतापूर्वक निवारण किया जा चुका है। किसानों और भू-स्वामियों के साथ सीधा संवाद स्थापित कर पारदर्शी तरीके से अधिग्रहण प्रक्रिया को सिरे चढ़ाया गया है। इससे हाईवे निर्माण के रास्ते में आ रही सबसे बड़ी अड़चन दूर हो गई है।

शेष 107 मामलों के निपटारे को प्रशासन मुस्तैद

एडीसी ने बैठक के दौरान मुख्य सचिव को विश्वास दिलाया कि जिले में अब केवल 107 मामले ही शेष बचे हैं। इन बकाया मामलों के त्वरित समाधान के लिए भी प्रशासन द्वारा युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। राजस्व अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे किसानों की आपत्तियों का संज्ञान लेकर उनका प्राथमिकता के आधार पर समाधान करें। एडीसी अर्पित संगल ने कहा कि नेशनल हाईवे परियोजनाएं राज्य के आर्थिक विकास का पहिया हैं और यातायात व्यवस्था को मजबूत करने में इनकी अहम भूमिका है।

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नियमित समीक्षा से मिलेगी विकास को रफ्तार

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने जिला उपायुक्तों और एडीसी को जमीन अधिग्रहण की प्रगति की नियमित रूप से समीक्षा करने के आदेश दिए हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि आने वाले कुछ ही हफ्तों में सिरसा को भूमि अधिग्रहण विवादों से पूरी तरह मुक्त कर दिया जाए। इन मामलों के सुलझने से नेशनल हाईवे और अन्य प्रस्तावित राजमार्गों पर रुके हुए निर्माण कार्यों को नई गति मिलेगी। प्रशासन की इस सक्रियता से सिरसा का सीधा जुड़ाव बड़े औद्योगिक केंद्रों से और भी मजबूत होगा।