सिरसा के 6 गांवों में सिंचाई के पानी का संकट, किसानों का धरना; अवैध पाइप-मोटर हटाने की मांग

 

सिरसा। जिले के रानियां खंड के छह गांवों के किसानों ने सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए सिंचाई विभाग कार्यालय में धरना दिया। किसानों का कहना है कि पिछले कई दिनों से खेतों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा, जिससे फसलों के प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और जल्द समस्या का समाधान करने की मांग उठाई।

प्रदर्शन में रानियां खंड के फतेहपुरिया, महम्मदपुरिया, कुस्सर, बालासर, नाईवाला और खाजाखेड़ा गांवों के किसान शामिल हुए। किसानों ने आरोप लगाया कि सिंचाई पानी की समस्या को लेकर वे पहले भी संबंधित विभागों के अधिकारियों से मिल चुके हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता वीरभान मेहता के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के बाद किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने सिंचाई विभाग के XEN संदीप शर्मा और SDO धर्मपाल से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं।

इन 6 गांवों में सिंचाई पानी की समस्या

किसानों के अनुसार रानियां क्षेत्र के इन गांवों में पानी की समस्या बनी हुई है:

गांव
फतेहपुरिया
महम्मदपुरिया
कुस्सर
बालासर
नाईवाला
खाजाखेड़ा

किसानों का कहना है कि खेतों में समय पर पानी नहीं मिलने से फसलों को नुकसान होने की आशंका बढ़ रही है। बारिश भी उनकी जरूरत के मुताबिक नहीं होने के कारण सिंचाई के पानी पर निर्भरता बढ़ गई है।

किसानों का दावा- घग्गर में पानी आया, लेकिन गांवों तक नहीं पहुंचा

धरने में शामिल किसान कालूराम गोदारा और वीरभान मेहता ने दावा किया कि घग्गर-नाईवाला खरीफ चैनल में दो बार फ्लडी पानी आ चुका है, लेकिन उनके गांवों तक अभी तक घग्गर का पानी नहीं पहुंच पाया।

किसानों का कहना है कि वे इस समस्या को लेकर कई बार सिंचाई विभाग के अधिकारियों से मिल चुके हैं। इसके बावजूद उन्हें आश्वासन के अलावा समस्या का स्थायी समाधान नहीं मिला।

किसानों ने मांग की कि संबंधित गांवों तक फ्लडी पानी पहुंचाने के लिए विभाग तुरंत व्यवस्था करे, ताकि खेतों में खड़ी फसलों को समय पर सिंचाई मिल सके।

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बड़ी पाइपलाइन और मोटरों को लेकर किसानों ने लगाए आरोप

प्रदर्शनकारी किसानों ने पानी नहीं पहुंचने के पीछे कथित रूप से लगाई गई बड़ी पाइपलाइनों और मोटरों का मुद्दा भी उठाया।

किसानों का आरोप है कि कुछ स्थानों पर बड़ी पाइपलाइन बिछाकर और मोटर लगाकर पानी लिया जा रहा है, जिसका असर टेल पर स्थित गांवों तक पहुंचने वाले पानी पर पड़ रहा है।

उन्होंने सिंचाई विभाग से ऐसी कथित अवैध मोटरों के खिलाफ कार्रवाई करने और पत्थर वाली पाइपलाइन को हटाने की मांग की।

हालांकि किसानों के इन आरोपों की सिंचाई विभाग की ओर से स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए पानी कम पहुंचने का वास्तविक कारण विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

XEN और SDO से मिला किसानों का प्रतिनिधिमंडल

धरना देने के बाद किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने सिंचाई विभाग के XEN संदीप शर्मा और SDO धर्मपाल से मुलाकात की।

प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों को छह गांवों में सिंचाई के पानी की समस्या की जानकारी देते हुए प्रभावित क्षेत्रों तक पर्याप्त पानी पहुंचाने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की।

इसके साथ ही किसानों ने पाइपलाइन और कथित अवैध मोटरों की जांच कर कार्रवाई करने की मांग भी अधिकारियों के सामने रखी।

पहले भी उठा चुके हैं पानी की समस्या

किसानों का कहना है कि रानियां क्षेत्र में सिंचाई पानी की समस्या नई नहीं है। वे पहले भी कई बार संबंधित विभागों के अधिकारियों के सामने यह मुद्दा उठा चुके हैं।

नाईवाला खरीफ चैनल का मुद्दा पहले भी सरकारी स्तर तक पहुंच चुका है। हरियाणा विधानसभा के पुराने सरकारी रिकॉर्ड में भी नाईवाला खरीफ चैनल और घग्गर में पानी उपलब्ध होने पर संबंधित क्षेत्र तक पानी पहुंचाने का उल्लेख मिलता है।

इससे मौजूदा विरोध सिर्फ एक दिन के धरने तक सीमित मुद्दा नहीं रह जाता, बल्कि किसानों की ओर से लंबे समय से उठाई जा रही सिंचाई समस्या से भी जुड़ता है।

समाधान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी

किसानों ने फिलहाल इस धरने को सांकेतिक बताया है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द सिंचाई पानी की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को बड़ा किया जाएगा और सिंचाई विभाग का घेराव भी किया जा सकता है।

किसान प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के सिरसा दौरे के दौरान विरोध जताने की चेतावनी भी दी है।

प्रदर्शनकारी किसानों की मुख्य मांग है कि टेल पर स्थित गांवों तक पर्याप्त सिंचाई पानी पहुंचाया जाए और पानी के प्रवाह को प्रभावित करने वाली कथित अवैध पाइपलाइन व मोटरों की जांच कर कार्रवाई की जाए।

धरने में पाल सिंह, रमेश कुमार, नाईवाला के सरपंच गुरभेज सिंह, विनोद ग्रोवर, सुलखन सिंह, अर्जुन राम, बलकार सिंह, कृष्ण गोदारा, ज्ञान चंद नंबरदार सहित विभिन्न गांवों के किसान मौजूद रहे।

किसानों की मुख्य मांगें

  • छह प्रभावित गांवों तक पर्याप्त सिंचाई पानी पहुंचाया जाए।
  • घग्गर का उपलब्ध फ्लडी पानी टेल तक पहुंचाने की व्यवस्था हो।
  • कथित अवैध मोटरों की जांच कर कार्रवाई की जाए।
  • पानी के प्रवाह में बाधा बनने वाली बताई जा रही पाइपलाइन की जांच कर उसे हटाया जाए।
  • सिंचाई पानी की समस्या का अस्थायी नहीं बल्कि स्थायी समाधान किया जाए।