चौपटा क्षेत्र की नहरों पर बनी अवैध हौदियों पर सिंचाई विभाग का चला पिला पंजा
चोपटा। नाथूसरी चौपटा क्षेत्र से गुजरने वाली वरूवाली नहर, नोहर फीडर नहर और कुताना माइनर पर अवैध तरीके से बनाई गई मोगियों को तोड़ने का अभियान सिंचाई विभाग ने शुरू कर दिया है। विभाग की टीम एसडीओ के नेतृत्व में कार्रवाई कर रही है। विभाग के अनुसार अब तक करीब 50 फीसदी अवैध मोगियां तोड़ी जा चुकी हैं, जबकि शेष के खिलाफ कार्रवाई जारी है।
गौरतलब है कि नहराना हेड पर टेल तक पानी नहीं पहुंचने के मामले को लेकर जमाल गांव के ग्रामीणों ने धरना शुरू किया था। धरने को चौपटा क्षेत्र के साथ राजस्थान के किसानों का भी समर्थन मिला। धरना शुरू होने के करीब छह दिन बाद सिंचाई विभाग के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
कुताना माइनर और दोनों नहरों पर जेसीबी से कार्रवाई
सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता संदीप माथूर ने अवैध मोगियों को तोड़ने के लिए टीम गठित की थी। इसके बाद विभाग की टीम ने बुधवार को कुताना माइनर, वरूवाली नहर और नोहर फीडर नहर पर बनी अवैध मोगियों को तोड़ने का काम शुरू किया। इन्हें जेसीबी की सहायता से हटाया जा रहा है।
कार्यकारी अभियंता संदीप माथूर ने बताया कि वरूवाली नहर, नोहर फीडर नहर और कुताना माइनर पर बनी अवैध मोगियों को जेसीबी से तोड़ा जा रहा है। अभी तक करीब 50 फीसदी अवैध मोगियां तोड़ी जा चुकी हैं। शेष अवैध मोगियों को भी हटाने के लिए अभियान जारी है।
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ग्रामीणों ने रखी थी कई मांगें
समाजसेवी रघुबीर कड़वासरा ने बताया कि धरने के दौरान ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के सामने कई मांगें रखी थीं। इनमें कुताना माइनर, जमाल माइनर, वरूवाली नहर और नोहर फीडर नहर पर अवैध होदियां तोड़ने, जमाल गांव में जमाल माइनर और कुताना माइनर की टेल तक पूरा पानी पहुंचाने तथा पानी चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग शामिल थी।
इसके अलावा दोनों नहरों के आउटलेट ठीक करने, गांव हंजीरा में कुताना माइनर से कूड़ा-कचरा हटाने और माइनर के दोनों तरफ मिट्टी लगवाने की मांग भी रखी गई थी।
ग्रामीणों ने कुताना माइनर पर बने छह पुलों को ऊंचा करने तथा जमाल गांव से गुजर रही जमाल माइनर में घरों का दूषित पानी जाने से रोकने के लिए दीवार बनाने की मांग भी अधिकारियों के सामने रखी थी।
विभाग की ओर से इन मांगों पर कार्रवाई शुरू किए जाने के बाद ग्रामीणों को टेल तक पानी पहुंचने की उम्मीद है।

