Sirsa News: NDRF ने ग्रामीणों को बताए प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के तरीके
सिरसा के लिए घग्घर नदी हमेशा चिंता का सबब रही है। जुलाई 2023 में आई भारी बारिश के बाद घग्घर उफान पर आ गई थी, जिससे गांव पनिहारी में 150 फुट चौड़ा बांध टूट गया था। उस समय गांव फरवाई कलां में 600 से अधिक परिवारों को पलायन करना पड़ा था। गांव फरवाई कलां का लेवल पनिहारी से करीब 10 से 12 फुट नीचा होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पाती थी। स्थानीय लोगों का कहना था कि 1962 से 2010 के बीच यह गांव छह बार बाढ़ की चपेट में आ चुका है। तब एनडीआरएफ की 75 सदस्यीय टीम ने पनिहारी समेत कई गांवों में राहत कार्य किए थे।
इसी क्रम में मंगलवार को टीम ने सबसे पहले गांव पनिहारी और फरवाई कलां का दौरा किया। यहां के स्कूलों में मौजूद विद्यार्थियों को आपदा के समय खुद को, अपने परिवार और आसपास के लोगों को सुरक्षित रखने के तरीके समझाए गए। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को आपात स्थिति में सतर्क रहने, प्राथमिक बचाव उपाय अपनाने और सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने के बारे में जानकारी दी गई। टीम ने घग्घर नदी और गांवों में बनाए गए रिंग बांधों का निरीक्षण भी किया।

अगले 4 दिन में 6 गांवों में होंगे कार्यक्रम, ओटू हेड पर नाव चालकों का प्रशिक्षण
एनडीआरएफ टीम का यह जागरूकता अभियान 24 अप्रैल तक जारी रहेगा, जिसका पूरा शेड्यूल इस प्रकार है:
- 22 अप्रैल (बुधवार): गांव केलनियां और अलानूर
- 23 अप्रैल (गुरुवार): गांव मत्तड़ और नागोकी
- 24 अप्रैल (शुक्रवार): गांव खैरेकां और झोरड़वाली
इसके अलावा, 25 अप्रैल को ओटू डेम पर सिंचाई विभाग के बेलदारों और नाव चालकों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम रखा गया है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य आपदा के समय राहत और बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से अंजाम देना है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोगों की जान-माल का नुकसान कम से कम हो।
प्रशासन और विभागों का सहयोग
इस जागरूकता कार्यक्रम का सफल संचालन एनडीआरएफ टीम के नेता त्रिलोक के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर सिंचाई विभाग के एसडीओ ने तटबंधों और रिंग बांधों के निर्माण, उनकी मजबूती और समय-समय पर होने वाली मरम्मत की जानकारी साझा की। कार्यक्रम में सरपंच, पंचायत सचिव, पटवारी, स्कूल प्रिंसिपल और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी सुरेश कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
जिला राजस्व अधिकारी संजय चौधरी ने बताया कि यह पहल एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और आपदा से निपटने की तैयारियां मजबूत होंगी। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे एनडीआरएफ टीम के साथ सहयोग करें और आपदा से बचाव के टिप्स को अपने जीवन में अपनाएं।
