https://www.choptaplus.in/

सिरसा: पद्मश्री के साथ सविता पूनिया आज पहुंचेंगी गांव जोधकां, 'ग्रामीण करेंगे भव्य स्वागत

अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी सविता पूनिया को मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद्मश्री सम्मान से अलंकृत किया। आज गुरुवार को वह सिरसा जिले के गांव जोधकां लौटेंगी, जहां ग्रामीणों और परिवार की ओर से भव्य स्वागत किया जाएगा। 'द ग्रेट वॉल ऑफ इंडिया' के नाम से मशहूर सविता ने अब विश्व कप में स्वर्ण पदक जीतने का लक्ष्य रखा है।
 
 
सविता पूनिया को पद्मश्री सम्मान मिलने के बाद गांव जोधकां में स्वागत

सविता पूनिया को 23 जून को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद्मश्री सम्मान से अलंकृत किया

'द ग्रेट वॉल ऑफ इंडिया' के नाम से मशहूर सविता ने 300 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं

2018 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित, तीन बार एफआईएच गोलकीपर ऑफ द ईयर रहीं

आज गुरुवार को सिरसा के गांव जोधकां लौटेंगी, ग्रामीणों की ओर से भव्य स्वागत की तैयारी
 

सिरसा। अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी सविता पूनिया को पद्मश्री सम्मान मिलने के बाद आज वीरवार को सिरसा जिले के गांव जोधकां में भव्य स्वागत किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया था। इसके बाद सविता अपने पिता महेंद्र सिंह और परिवार के साथ आज शाम तक गांव लौटेंगी। गांव पहुंचने पर ग्रामीणों और रिश्तेदारों की ओर से उनका जोरदार स्वागत करने की तैयारी है। भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान और मौजूदा गोलकीपर सविता को 'द ग्रेट वॉल ऑफ इंडिया' के नाम से जाना जाता है।

Savita Punia Padma Shri

राष्ट्रपति भवन में हुआ सम्मान समारोह

मंगलवार शाम राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित दूसरे नागरिक अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सविता पूनिया को पद्मश्री से अलंकृत किया। इस समारोह में कुल 65 पद्म पुरस्कार प्रदान किए गए, जिनमें दो पद्म विभूषण, सात पद्म भूषण और 56 पद्मश्री शामिल थे। सविता के साथ पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा को भी पद्मश्री से सम्मानित किया गया। समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला और गृह मंत्री अमित शाह समेत अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

परिवार और गांव में खुशी का माहौल

सविता के पिता महेंद्र सिंह ने बताया कि सविता को पद्मश्री मिलने से परिवार और पूरे जिले में खुशी का माहौल है। उन्होंने कहा कि सविता ने न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में 15 से 20 जून तक आयोजित नेशंस कप में टीम के साथ स्वर्ण पदक जीतकर देश, हरियाणा और सिरसा जिले का मान बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि इस टूर्नामेंट में 5 से 6 मैच हुए, जिसमें गोल्ड मिला है। महेंद्र सिंह ने कहा कि सविता ने बतौर टीम मेंबर खेला है और इसमें पूरी टीम का सहयोग रहा है।

Savita Punia family

'द ग्रेट वॉल' की पहचान

सविता पूनिया को टोक्यो ओलंपिक 2020 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आठ पेनल्टी कॉर्नर बचाने के बाद 'द ग्रेट वॉल ऑफ इंडिया' के नाम से पहचान मिली। भारतीय महिला हॉकी की यह दिग्गज खिलाड़ी अपनी फुर्ती, संयम और त्वरित प्रतिक्रिया के लिए जानी जाती है। वह भारत की पहली महिला हॉकी खिलाड़ी हैं, जिन्होंने तीन बार लगातार एफआईएच गोलकीपर ऑफ द ईयर का पुरस्कार जीता। सविता ने 300 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का आंकड़ा भी पार किया है, जिससे वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली केवल दूसरी भारतीय गोलकीपर बनीं।

शानदार करियर और उपलब्धियां

सविता पूनिया का अंतरराष्ट्रीय करियर 2011 में शुरू हुआ। उन्होंने 2013 में सीनियर भारतीय महिला हॉकी टीम में पदार्पण किया। 2016 में भारतीय टीम को 36 साल बाद ओलंपिक में पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका रही। 2017 में वह भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान बनीं। टोक्यो ओलंपिक 2020 में टीम के ऐतिहासिक चौथे स्थान पर रहने में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा। 2022 में बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक और एफआईएच नेशंस कप में स्वर्ण पदक जीता। 2023 और 2024 में लगातार वूमेंस एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में स्वर्ण पदक जीते। इसके अलावा 2018 में अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।

दादा को मानती हैं रोल मॉडल

सविता अपने दादा रणजीत सिंह को रोल मॉडल मानती हैं, जिन्होंने उन्हें हॉकी खेलने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने 2003-04 में सिरसा की अग्रसेन नर्सरी में हॉकी खेलना शुरू किया, बाद में हिसार स्थित साईं केंद्र में प्रशिक्षण लिया। 2007 में सीनियर नेशनल कैंप के लिए चयन हुआ और 2011 में अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत हुई। कोच आजाद सिंह मलिक के नेतृत्व में खेली। लंबी हाइट और फुर्ती के कारण कोच ने उन्हें गोलकीपर के रूप में चुना था।

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की ब्रांड एंबेसडर

सविता सिरसा जिले की 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान की ब्रांड एंबेसडर भी रही हैं। अपनी उपलब्धियों से उन्होंने ग्रामीण आंचल से निकलकर जिले का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। पद्मश्री सम्मान के बारे में सविता ने कहा कि यह उनके लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण क्षण है। उन्होंने इस सम्मान का श्रेय अपने परिवार, कोचों और टीम के साथियों को दिया।

विश्व कप में स्वर्ण का लक्ष्य

सविता ने कहा कि टीम अब आगामी महिला हॉकी विश्व कप में स्वर्ण पदक जीतने का लक्ष्य लेकर चल रही है। विश्व कप की तैयारी के लिए वह जल्द ही बेंगलुरु में होने वाले कैंप में शामिल होंगी। इसके बाद एशियन गेम्स में भी भाग लेंगी।

सविता के बारे में संक्षिप्त जानकारी

  • जन्म: 11 जुलाई 1990, सिरसा, हरियाणा
  • पद: गोलकीपर
  • 2013: सीनियर भारतीय महिला हॉकी टीम में डेब्यू
  • 2016: भारतीय टीम को 36 साल बाद ओलंपिक में पहुंचाने में अहम भूमिका
  • 2017: भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान बनीं
  • 2018: एशियन गेम्स में रजत पदक, वूमेंस एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में स्वर्ण पदक, अर्जुन पुरस्कार
  • 2021: टोक्यो ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन, भारतीय टीम चौथे स्थान पर, 'ग्रेट वॉल ऑफ इंडिया' कहा गया
  • 2022: कॉमनवेल्स गेम्स में कांस्य पदक, एफआईएच नेशंस कप में स्वर्ण पदक, वर्ल्ड गेम्स एथलीट ऑफ द ईयर बनने वाली पहली भारतीय हॉकी खिलाड़ी
  • 2023: एशियन गेम्स में कांस्य पदक
  • 2024: वूमेंस एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में स्वर्ण पदक
     
Rajasthan